मानव शक्ति और यशवर्धन
सूर्यदिवस के दिन कि शुरुआत में सूर्य के सुनहरे किरणों के संग दर्शन न हो प्राणी मात्र बिहवाल हो उठते हैं।परन्तु प्राणियों के प्राण रक्षण हेतु जगत के सर्वशक्तिशाली प्रकाश के पुंज भी अपनेआप को निस्तेज कर बादलों को उमर घूमर कर सात सुरों में जगत के एक हिस्से में अमृत्युलय जल वृष्टि के मनोरम […]
